विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA ने हवाई यात्रा के दौरान अनुशासनहीन व्यवहार करने वाले यात्रियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है। ड्राफ्ट संशोधित नियमों के तहत एयरलाइंस को ऐसे यात्रियों पर बिना देरी के सीधे 30 दिनों तक उड़ान प्रतिबंध लगाने की अनुमति देने की सिफारिश की गई है। DGCA के अनुसार, विमान, यात्रियों और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऑनबोर्ड अनुशासन बनाए रखने के लिए ‘नो/जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ लागू करने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
एयरलाइंस के लिए SOP अनिवार्य
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, हर एयरलाइन को बदसलूकी की घटनाओं से निपटने और उनकी रिपोर्ट DGCA को भेजने के लिए एक स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP तैयार कर उसे लागू करना होगा। यह SOP सभी संबंधित हितधारकों के साथ साझा करना भी अनिवार्य होगा। उड़ान प्रतिबंध पर आखिर फैसला के लिए एयरलाइन एक स्वतंत्र समिति गठित करेगी, जिसमें किसी अन्य एयरलाइन का प्रतिनिधि भी शामिल होगा। हालांकि, कुछ विशेष मामलों में एयरलाइन बिना समिति की मंजूरी के सीधे 30 दिनों तक का बैन लगा सकेगी।
किन मामलों में लगेगा तत्काल बैन?
एयरलाइंस निम्नलिखित उल्लंघनों पर सीधे कार्रवाई कर सकती हैं:
- विमान में धूम्रपान करना
- घरेलू उड़ान के दौरान शराब का सेवन
- इमरजेंसी एग्जिट या लाइफ-सेविंग उपकरण (जैसे लाइफ जैकेट) का दुरुपयोग
मौजूदा नियमों में क्या प्रावधान है?
वर्तमान सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट (CAR) के तहत, स्वतंत्र समिति के अंतिम फैसले तक संबंधित एयरलाइन किसी यात्री पर अधिकतम 45 दिनों का अस्थायी बैन लगा सकती है। यह प्रावधान संशोधित CAR में भी जारी रहेगा।
उल्लंघन की गंभीरता के आधार पर सजा
DGCA ने बदसलूकी को चार स्तरों में वर्गीकृत किया है:
- लेवल 1: गाली-गलौज, आपत्तिजनक इशारे या नशे में अनुशासनहीन व्यवहार – बैन 3 महीने तक
- लेवल 2: शारीरिक हिंसा जैसे धक्का देना, मारपीट, अनुचित स्पर्श या यौन उत्पीड़न – बैन 6 महीने तक
- लेवल 3: जानलेवा कृत्य, विमान के सिस्टम को नुकसान पहुंचाना – न्यूनतम 2 वर्ष या उससे अधिक
- लेवल 4: कॉकपिट में घुसने की कोशिश या सुरक्षा में गंभीर सेंध – न्यूनतम 2 वर्ष या उससे अधिक, कोई ऊपरी सीमा नहीं
- इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर भी किसी यात्री को उड़ान भरने से रोका जा सकता है।
- DGCA ने प्रस्तावित संशोधनों पर हितधारकों से 16 मार्च तक सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।






































